संक्षिप्त परिचय: नववर्ष २०२१ के उपलक्ष्य में आपके लिए ढेर सारी शुभ कामनाएँ लिए प्रभात शर्मा जी की नया साल पर यह कविता।
नव वर्ष २०२१ की हार्दिक शुभकामनाएं
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नित शान्ति रहे ,नहीं भ्रान्ति रहे
सब रहें कुशल-मंगल हर दिन
नहीं रोग रहें, नहीं शोक रहें
पुलकित मन,हों हर्षित पल-छिन ।
नहीं शेष रहे कोई वैमनस्य
सौहार्द सतत् और सौमनस्य
चंहुओर ख़ुशी , खुशहाली हो
नित ईद दशहरा दीवाली हो ।
हों वंश-वल्लरी बहु शिक्षित
ज्ञानी विज्ञानी बहु विधान
नूतन विकास नयनाभिराम
मेरा देश अग्रणी विश्व मान
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पढ़िए नया साल पर एक और कविता
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- एक भावांजलि दिवंगत को: दिवंगत को भावांजलि देती हुई एक कविता।
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- एक भावांजलि ….कवि मन को : यह एक प्रेरक कविता है जिसे लिखा है कवि प्रभात शर्मा जी ने। इस कविता के माध्यम से वे कवियों को सत्य और साहस के पथ पर चलने की प्रेरणा दे रहे हैं।
- एक भावांजलि ….. पत्थर को :-एक पत्थर के जन्म से ले कर पत्थर की अनेकों विशेषताओं का वर्णन करती ये पत्थर पर कविता, पत्थर को सही मायने में भावांजलि है।
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PC: Georgia de Lotz
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