about her : – I am a Journalism Student. I love to write and read.
place :- kanpur , uttar pradesh
पढ़िए उनकी कविता:
- आखिर मैं क्यों घबराऊं: अंशिका जैसवाल की यह कविता उनके सतगुरु के लिए है। इस कविता से वह कह रही हैं की वह किसी भी परिस्थिति में घबराएँगी नहीं क्यूँकि उनके सतगुरु हमेशा उनकी रक्षा करेंगे।
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